1ब्रैम्बल एक छोटा भूरा भालू था, गोल कानों वाला और चार पैरों वाला, लेकिन वह अभी नींद में नहीं था। बिल के बाहर रात मखमली और शांत उतर आई थी, जैसे पहाड़ियों पर रजाई डाल दी गई हो। ब्रैम्बल धीरे-धीरे दरवाजे तक गया और ठंडी हवा को सूंघा। "मैं शांत चीजों को गिनूंगा," उसने खुद से बहुत धीमे में बड़बड़ाया। एक।
2झरना पत्थरों से बातें कर रहा था — श्श्श, श्श्श, श्श्श — रात की गहराई में कलकल करती हुई आवाज़। ब्रैम्बल ने अपने दोनों कानों से सुना। एक शांत चीज। दो।
3एक पत्ता अपनी शाखा से छूटा और धीरे-धीरे, बिना आवाज़ किए नीचे गिर गया। ब्रैम्बल ने उसे ज़मीन पर उतरते हुए देखा। दो शांत चीजें। तीन।
4ऊँचे चीड़ के पेड़ हिल रहे थे, और उनकी सुइयों के बीच से आती हवा की आवाज़ थी—हूँऊऊ—इतनी हल्की कि जैसे हो ही न। तीन शांत चीजें। चार।
5एक पतंगा पुराने लकड़ी के तने पर अपने धूल वाले पंख खोल और बंद कर रहा था। बिल्कुल भी आवाज़ नहीं। चार शांत चीजें। पाँच।
6चाँद एक बादल के पीछे से बाहर आया और अपनी हल्की चाँदनी काई पर बिखेर दी। ब्रैम्बल ने पलकें झपकाईं। पाँच शांत चीजें। छह।
7एक मेंढक सरकंडों के पास बिलकुल शांत बैठा था। न कूदा, न टर्राया, बस चुपचाप बैठा रहा। छह शांत चीजें। सात।
8ब्रैम्बल वापस अपने बिल के अंदर आया, और उसके पैरों के नीचे सूखे पत्तों ने बहुत धीमी चरमराहट की—चरर, चरर, चरर। सात शांत चीजें। आठ।
9बिल के पिछले हिस्से में उसकी मम्मी सो रही थीं, उनका गरम शरीर ऊपर-नीचे, ऊपर-नीचे होता रहा। आठ शांत चीजें। नौ। ब्रैम्बल अपनी मम्मी के पास सिमट गया और उसके गाल के नीचे मम्मी के दिल की हल्की धड़कन महसूस हुई। नौ शांत चीजें। दस।
10उसने धीरे-धीरे साँस ली — धीरे-धीरे छोड़ी — उसकी साँसें बादल जैसी शांत हो गईं। दस शांत चीजें। ब्रैम्बल की आँखें भारी होने लगीं। उसके चारों पैर शांत हो गए। बाहर झरना पत्थरों से बातें करता रहा, पतंगा लकड़ी पर बैठा रहा, और चाँद अपनी चाँदनी बिखेरता रहा—चलता रहा, चलता रहा, चलता रहा।



